




“डॉ. शिव से जुड़ा संगम मैरिज पैलेस”

डॉ. शिव जोकि अंतरराष्ट्रीय समाज सेवक बन कर उभरे तथा रोटरी आई हॉस्पिटल, रोटरी क्लब तथा कई अन्य समाजसेवी संस्थाओं के जनक बन कर आम जनता की सेवा करते हुए निजधाम को चले गए।
अपने कर्मों की वजह से डॉ शिव आज भी लोगों के दिलों में ज़िंदा हैं।
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अभी हाल ही में संगम पैलेस ठाकुरद्वारा के स्वामी श्री विजय खट्टर से मेरी मुलाकात हुई। बातों ही बातों में उन्होंने अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त समाजसेवी डॉ शिव से जुड़ा एक संस्मरण शेयर किया जोकि अद्भुत था। अविस्मरणीय था।
विजय जी डॉ शिव के व्यक्तित्व से अत्यंत प्रभावित थे। उनके गुरु और डॉ शिव के गुरु जी भी एक ही थे अंद्रेटा मच्छयाल वाले।
श्री विजय ने बताया कि एक बार जब उन्होंने यहां स्कूटर्स की एजेंसी बजाज का शुभारंभ किया था तो उसके उपरान्त एक कार्यक्रम में वह उन्हें संगम पैलेस के हाल में मिले। बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि “यार विजय, आप यहाँ पर अगर एक जंज घर खोल दो तो बहुत बढ़िया रहेगा। बिज़नेस भी मिलेगा और जनसेवा भी हो जाएगी।
इतना सुनते ही विजय जी एकदम हैरान हो गए और तपाक से बोल उठे की क्या इतना अधिक इनवेस्ट करके अब मैं जंजघर चलाऊंगा? पुराने समय में मैरिज पैलेस को जंजघर के नाम से अधिक जाना जाता था।
इस पर डॉ शिव ने कहा कि “विजय ! तू एक बार मेरी गल्ल मन के ता वेख, तेरी बल्ले बल्ले हो जाएगी। यह मेरा आशीर्वाद है।”
उस समय तो बात हंसी-मज़ाक में आई-गई हो गई लेकिन विजय जी के दिमाग में जो कीड़ा डॉ शिव डाल गए थे वह शक्तिशाली होने लगे, हिलोरे लेने लगा। आखिरकार उन्होंने संगम मैरिज पैलेस खोल ही दिया और डॉ शिव का आशीर्वाद रंग लाया।
डन दुगुनी-रात चौगुनी तरक्की होती गई और आज संगम मैरिज पैलेस एक ब्रांड नेम बन कर विख्यात है और विजय खट्टर जी के दिमाग में आज भी वह वाक्या ज़िंदा है और वह दिवंगत आत्मा डॉ शिव जी का धन्यवाद करते नहीं थकते।
कहने का तात्पर्य यह है कि जो लोग, जो महापुरुष, युग प्रवर्तक सच्ची सेवा से ईमानदारी से जुड़े होते हैं उनके मुख से निकले अनमोल शब्द दैवीय रूप लेकर इतिहास बन जाते हैं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें तथा अन्य लोगों को भी उनके दिखाए गए मार्ग के अनुसरण करने की प्रेरणा प्रदान करें।










