CSKHPKV के इतिहास में पहली बार हुआ ऐसा चमत्कार : भ्रष्टाचार की गहरी दलदल में डूब रहा मेरा प्यारा कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर
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Editor-in-Chief, HR MEDIA GROUP, 9418130904, 8988539600
हिमाचल प्रदेश कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में नित नए घोटालों पर से पर्दा उठ रहा है। जो कार्य सरकारी जांच एजेंसियों द्वारा किया जाना चाहिए उसे हिमाचल रिपोर्टर मीडिया उठाने की कोशिश कर रहा है। सब न जाने क्यों कुम्भकर्णी नींद में सोए हुए हैं।
कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर में एक्सटर्नल फंडेड प्रोजेक्ट के समाप्त होने के बाद भी जहां अस्थाई कर्मचारियों की नौकरी विश्व विद्यालय की इनकम से तब भी जारी रखी गई जबकि फंडिंग एजेंसी से वित्तीय सहायता आना बंद हो चुकी थी।
विश्वविद्यालय के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि जब प्रोजेक्ट समाप्त हो गया हो तो उसमें अस्थाई रूप से काम कर रहे कर्मचारियों का वेतन विश्वविद्यालय की इनकम से दिया गया हो।
मजे की बात तो यह है कि विश्व विद्यालय की इनकम से वित्तीय धांधली यहीं तक सीमित नहीं रही, अपने चहेतों को वित्तीय लाभ देने के लिए विश्वविद्यालय की इनकम से वेतन वृद्धि भी की गई और बैक डेट से वेतन वृद्धि का एरियर भी दिया गया।
वित्तीय धांधली की सीमा यहां तक क्रॉस कर गई कि समाप्त हुए प्रोजेक्ट में अस्थाई कर्मचारी को विश्वविद्यालय इनकम वेतन तो दिया ही दिया, साथ ही साथ प्रसूति अवकाश और प्रसूति अवकाश के दौरान वेतन भी दिया गया।
ध्यान देने योग्य बात यह है कि ये अस्थाई कर्मचारी ना तो प्रोजेक्ट कर्मचारी थे क्योंकि प्रोजेक्ट समाप्त हो गया था और वित्तीय सहायता बंद हो गई थी और न ही यह विश्वविद्यालय की कर्मचारियों की श्रेणी में आते थे और न ही किसी आउटसोर्स एजेंसी के कर्मचारी थे, हर तरफ से नियमों का उल्लंघन करते हुए चहेतों को विश्वविद्यालय की इनकम से वित्तीय लाभ दिया गया जोकि बहुत बड़ा विद्या घोटाला और भ्रष्टाचार है।
जहां एक ओर विश्वविद्यालय के कर्मचारी आज भी वेतन एरियर एवं पेंशन एरियर से वंचित है वही ऐसे लाभ उन अस्थाई कर्मचारियों को दिए गए जिनका प्रोजेक्ट समाप्त था।
अंदाजा लगाया जा सकता है कि कृषि विश्वविद्यालय के धन का अपनों को फायदा देने के लिए दोहन किया गया।
इतना ही नहीं सूत्रों से ज्ञात हुआ है यह मामला केवल 800000 (8 लाख) का ही नहीं है यह मामला लगभग 20 लाख तक पहुंच सकता है क्योंकि प्रोजेक्ट समाप्त होने के बाद 2 वर्ष तक विश्वविद्यालय इनकम से एक रिसर्च एसोसिएट को भी वेतन के रूप में वित्तीय लाभ दिया गया।
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