वाईस चांसलर डॉ डीके वत्स पर ठेकेदार के साथ कथित मिलीभगत के आरोप : कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के छात्रों का फीस वृद्धि और जबरन लॉन्ड्री शुल्क के खिलाफ जोरदार विरोध









वाईस चांसलर की मिलीभगत: कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के छात्रों का फीस वृद्धि और जबरन लॉन्ड्री शुल्क के खिलाफ जोरदार विरोध
PALAMPUR

कृषि विश्वविद्यालय पालमपुर के छात्र हाल ही में बढ़ाए गए फीस ढांचे और जबरदस्ती लगाए जा रहे लॉन्ड्री शुल्क के खिलाफ हड़ताल पर हैं। छात्रों का कहना है कि प्रशासन द्वारा लगाए गए नए शुल्क और बढ़ाई गई फीस से उन्हें आर्थिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ए.बी.वी.पी.) ने विश्वविद्यालय प्रशासन के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय रजिस्ट्रार को ज्ञापन सौंपा।
ए.बी.वी.पी. इकाई अध्यक्ष अभय वर्मा ने बताया कि प्रशासन ने फीस में लगभग 2 से 5 गुना वृद्धि की है और विभिन्न नए शुल्क शामिल किए गए हैं, जिससे छात्रों पर भारी वित्तीय बोझ पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय के एकमात्र कृषि संस्थान में छात्र पहले से ही उच्च फीस से जूझ रहे हैं, और अब यह वृद्धि उनके लिए अत्यधिक भार बन गई है।
फीस वृद्धि के साथ ही, विश्वविद्यालय प्रशासन ने प्रति विद्यार्थी 5000 रुपये वार्षिक लॉन्ड्री शुल्क लागू करने का प्रस्ताव रखा है, जिसे छात्रों ने अन्यायपूर्ण और अनुचित करार दिया है। वर्मा ने बताया कि 2 दिन पहले कुलपति को ज्ञापन सौंपने और एक दिन पहले सांकेतिक विरोध प्रदर्शन करने के बावजूद, कुलपति की ओर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हुई है।
छात्रों का आरोप है कि लॉन्ड्री शुल्क का यह नया बोझ कुलपति डॉक्टर डी.के. वक्त के एक करीबी व्यक्ति, जो कि लॉन्ड्री ठेकेदार है, को फायदा पहुंचाने के लिए लगाया जा रहा है। छात्रों का कहना है कि इस ठेकेदार ने ऑर्डर कंफर्म न होने के बावजूद अपनी भारी मशीनरी और प्लांट को विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित कर दिया है। यह कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन और ठेकेदार की मिलीभगत का संकेत देती है।
छात्रों ने यह भी सवाल उठाया है कि जब हॉस्टल में पहले से वाशिंग मशीन की सुविधा उपलब्ध है, तो फिर जबरदस्ती लॉन्ड्री का शुल्क क्यों वसूला जा रहा है। यह प्रस्ताव जल्द ही अनिवार्य करने की तैयारी की जा रही है, जो छात्रों के साथ जबरदस्ती अन्याय है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुक्खु सरकार से आग्रह किया कि वह इस धांधली को रोके और उन्हें न्याय दिलाए। उन्होंने कहा कि यह पूरी साजिश वाइस चांसलर द्वारा अपने खास व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के लिए रची गई है।
छात्रों के बढ़ते विरोध को देखते हुए अब देखना होगा कि विश्वविद्यालय प्रशासन और राज्य सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। विद्यार्थी विश्वविद्यालय प्रशासन के ख़िलाफ़ मुर्दाबाद के नारे लगातार लगा रहे हैं जोकि दुर्भाग्यपूर्ण है।








